मानव संपदा पोर्टल की तकनीकी कमियों से अटकी up employees promotion की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों का प्रमोशन तकनीकी बाधाओं के कारण अधर में लटक गया है। मानव संपदा पोर्टल के डीपीसी मॉड्यूल में दिव्यांग कर्मचारियों का विवरण दर्ज करने की कोई व्यवस्था न होने से पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया ठप हो गई है। इसका सीधा असर हजारों कर्मियों के करियर पर पड़ रहा है जो लंबे समय से अपनी पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
शासन के आदेशों के बावजूद नहीं बनी बात
मुख्य सचिव ने पिछले दिनों स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 30 जून तक हर हाल में प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और यह पूरी प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही होनी थी। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी पोर्टल की खामियों के कारण जूनियर इंजीनियरों समेत अन्य विभागों के कर्मियों की डीपीसी नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि विभाग, शासन और तकनीकी एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रही हैं।
आरक्षण नियमों का पालन और भविष्य की चिंता
नियमानुसार रिक्त पदों के सापेक्ष दिव्यांगजन के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। पोर्टल पर इस वर्ग का ब्योरा दर्ज करने का विकल्प न होने की वजह से सटीक प्रस्ताव तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की है। यदि यह तकनीकी खामी जल्द दूर नहीं की गई, तो प्रदेशभर में प्रशासनिक कार्यों और विकासात्मक परियोजनाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
