Aligarh News: केनरा बैंक में कूटरचित दस्तावेज लगाकर 35.80 लाख का लोन लेने पर महिला समेत दो पर केस
अलीगढ़ के धनीपुर स्थित केनरा बैंक की शाखा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है, जहां कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर 35.80 लाख रुपये का भारी-भरकम लोन हासिल कर लिया गया। इस घटना से वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और लोन प्रक्रिया की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बैंक खाताधारकों में चिंता का माहौल है।
फर्जी दस्तावेजों का खेल और लोन स्वीकृति
केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक आलोक कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सासनीगेट क्षेत्र की सब्जी मंडी निवासी आशा रानी अग्रवाल और सह-खातेदार भगवान स्वरूप अग्रवाल ने बैंक से कुल तीन अलग-अलग ऋण स्वीकृत कराए थे। इनमें 16 लाख रुपये का मॉर्गेज लोन, 17 लाख रुपये की ओसीसी लिमिट और 2.80 लाख रुपये का जीईसीएल स्कीम के तहत ऋण शामिल था। इस प्रक्रिया में उप निबंधक कार्यालय से जारी मूल बैनामे में छेड़छाड़ करते हुए शब्दों को बदलकर बैंक को धोखे में रखा गया।
एनपीए घोषित होने पर खुला राज
गत 14 फरवरी 2025 को तय समय पर किस्तों का भुगतान न होने के कारण यह खाता एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया। बैंक द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद जब बकायेदारों ने राशि जमा नहीं की, तो बैंक ने बंधक संपत्ति की गहन जांच कराई। जांच के दौरान मूल बैनामे के पृष्ठ संख्या एक में हेराफेरी पकड़ी गई, जिसके आधार पर सरफेसी एक्शन लेते हुए बैंक ने प्रॉपर्टी की ई-नीलामी कर 22.88 लाख रुपये वसूल किए, लेकिन अब भी 12.92 लाख रुपये की राशि बकाया है।
पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
गांधीपार्क थाना पुलिस ने बैंक प्रबंधक की तहरीर और अदालत के आदेश पर आरोपी आशा रानी अग्रवाल और भगवान स्वरूप अग्रवाल के विरुद्ध धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफेरी और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले कीि निष्पक्ष जांच की जा रही है और संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है ताकि वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
