आगरा में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, बमरौली कटारा गांव में अंधाधुंध फायरिंग से मचा हड़कंप
आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के बमरौली कटारा गांव में पारिवारिक जमीन के बंटवारे और कब्जे को लेकर उपजा विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। रविवार को धर्मेंद्र पक्ष के लोगों द्वारा दूसरे पक्ष की दीवार गिराए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में खूनी संघर्ष में बदल गई। इस घटना ने स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, क्योंकि इस तरह की सरेआम हिंसा से आम जनता में भारी खौफ का माहौल पैदा हो गया है।
संघर्ष के दौरान दोनों तरफ से एक दर्जन से अधिक राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज गूंजते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। गनीमत यह रही कि इस अंधाधुंध फायरिंग में मुख्य विवाद से जुड़े पक्षों को चोट नहीं आई, लेकिन इसकी चपेट में आकर सुघर सिंह, जितेंद्र कर्दम, छविराम, लक्ष्मी देवी और गौरव राणा जैसे कई निर्दोष पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घायलों की मेडिकल रिपोर्ट और पीड़ितों से मिलने वाली लिखित शिकायत के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, फायरिंग में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को दोबारा रोका जा सके।
