बॉलीवुड में 90 के दशक का काला सच, अंडरवर्ल्ड की धमकियों पर शाहरुख खान का bollywood news
नब्बे के दशक में मुंबई फिल्म इंडस्ट्री अंडरवर्ल्ड के खौफ के साए में जी रही थी। उस दौर में अपराधियों का दखल इस हद तक बढ़ चुका था कि वे सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे और कलाकारों तथा निर्माताओं को अपनी शर्तों पर काम करने के लिए मजबूर करते थे। इस गंभीर संकट ने पूरी इंडस्ट्री को डराकर रख दिया था, जिससे आम जनता और फिल्म प्रेमियों में भी चिंता का माहौल रहता था।
इसी डर के माहौल के बीच फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने एक इंटरव्यू में उस दौर का चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब बॉलीवुड के कई बड़े नाम अंडरवर्ल्ड के सामने घुटने टेक चुके थे, तब अभिनेता शाहरुख खान ने पूरी हिम्मत दिखाई। धमकियां मिलने के बावजूद शाहरुख ने दो टूक शब्दों में कह दिया था कि वह डरने वाले नहीं हैं और उन्होंने अपराधियों के साथ काम करने से साफ इनकार कर दिया था। उनके इस साहसिक रवैये के कारण बाद में अपराधी भी उनकी हिम्मत की दाद देने लगे थे।
संजय गुप्ता ने खुद पर बीती एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें भी 1992-93 के दौरान जान से मारने की धमकियां मिली थीं। उस कठिन समय में अभिनेता संजय दत्त और उनके परिवार ने उनकी मदद की थी, जिसके बाद वे सुरक्षित बाहर निकल पाए थे। इस खुलासे ने एक बार फिर से उस दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब सिनेमा जगत आपराधिक ताकतों के निशाने पर रहता था।
सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की सख्ती के बाद धीरे-धीरे इस दौर पर लगाम लगी, जिससे आज की फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह सुरक्षित माहौल में काम कर रही है।
