कानपुर में महिला सुरक्षा: अब हर वाहन चालक का होगा आपराधिक सत्यापन
दिल्ली में एक किशोरी से चलती बस में हुए गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना के मद्देनजर, कानपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब शहर में चलने वाले सभी सार्वजनिक वाहनों के चालकों और कंडक्टरों का आपराधिक सत्यापन कराया जाएगा। इस अभियान के तहत सिटी बस, टूरिस्ट बस, ऑटो, ई-रिक्शा, स्कूल वैन, टैक्सी और अन्य सवारी वाहनों के चालकों का पुलिस सत्यापन करेगी।
पुलिस आयुक्त सभागार में आयोजित एक बैठक में, अपर पुलिस कमिश्नर कानून एवं व्यवस्था डा. विपिन ताडा और डीसीपी यातायात रवींद्र कुमार ने वाहन मालिकों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपराधिक प्रवृत्ति के ड्राइवर या कंडक्टर की तत्काल सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। सार्वजनिक वाहन चालकों को पांच दिनों के भीतर अपने संबंधित थाने से आपराधिक सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद पुलिस एक प्रमाण पत्र जारी करेगी, जिसे वाहन में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रथम चरण में, जनपद स्तरीय वाहन चालकों का सत्यापन होगा, जिसके बाद आल इंडिया और आल यूपी परमिट वाले वाहनों के चालकों के लिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह कदम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं के लिए यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
