कानपुर देहात में रक्षाबंधन की धूम, महंगाई के बावजूद बाजारों में दिखी रौनक
कानपुर देहात में रक्षाबंधन के त्योहार का उत्साह महंगाई पर भारी पड़ता दिख रहा है। गुरुवार को नगरीय क्षेत्रों में सजे बाजारों में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने त्योहार के लिए जरूरी सामान की जमकर खरीददारी की। कस्बों में सजे राखी के स्टालों पर रंग-बिरंगी और अलग-अलग डिजाइनों की राखियों के साथ ही मिठाइयों की भी खूब खरीददारी हुई।
त्योहार के लिए अकबरपुर, रूरा, झींझक, रसूलाबाद, पुखरायां, शिवली, सिकंदरा, राजपुर, रनियां, डेरापुर, अमौधा व मूसानगर आदि कस्बों में बाजार गुलजार हो गए। साप्ताहिक बाजारों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से कस्बों में पहुंचे लोगों ने त्योहार के लिए जरूरी सामान की खरीददारी की। बाजार में सूतफेनी, सिवइयां, चीनी, बेसन, मैदा जैसी खाद्य सामग्री की बिक्री हुई। सरसों का तेल और रिफाइंड तेल की भी अच्छी बिक्री दर्ज की गई।
रक्षाबंधन के एक दिन पहले भाइयों को राखी बांधने के लिए निकली महिलाओं व युवतियों ने मिठाई की दुकानों में पहुंचकर मनपसंद मिठाइयों की खरीददारी की। काजू कतली, देशी घी से बनी मिठाई, घेवर, मेवा बर्फी और ड्राई फ्रूट वाले लड्डू की अच्छी खासी बिक्री हुई। खोया से बनी अन्य मिठाइयां भी चार सौ से छह सौ रुपये प्रति किलो की दर से बिकीं।
कस्बों में सड़क किनारे सजे राखियों के स्टालों पर महिलाओं ने मनपसंद राखियों की खरीददारी की। फ्लावर राखी, क्रिस्टल राखी, लाइटिंग वाली राखी और ब्रेसलेट वाली राखी का अलग क्रेज दिखा। चांदी की राखियों की भी अच्छी बिक्री हुई। युवतियों ने स्टोन, मोती व जरी की डिजाइनर राखियों की खरीद पर जोर दिया। बच्चे गणेश, हनुमान, स्पाइडरमैन, घड़ी के स्टीकरों वाली व म्यूजिकल राखियों की खरीदते दिखे। दस रुपए से लेकर डेढ़ सौ रुपए कीमत तक की राखियों की बाजार में जमकर बिक्री हुई। लोगों ने पूजन के लिए सूत व रेशम के धागे भी खरीदे।
रक्षा बंधन के त्योहार के लिए महिलाओं में हाथों में मेहंदी रचाने की होड़ रही। घर का काम निपटाने के बाद घरों में झुंड बनाकर एक दूसरे के हाथों में मेहंदी लगाई। युवतियों का जोर अरेबियन व रेडीमेड मेहंदी पर रहा। वहीं, बाजार में चूड़ियों की खरीद पर भी महिलाओं का जोर रहा।
इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। विद्वानों के अनुसार, पूर्णिमा 28 अगस्त को सुबह 7 बजकर 48 मिनट पर समाप्त हो रही है। रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह 5.57 बजे से 9.48 बजे तक शुभ मुहूर्त है। यदि इस मुहूर्त में राखी नहीं बंध पाती है तो दोपहर में 11.56 बजे से 12.48 बजे तक अभिजित मुहूर्त में भी राखी बांधना उत्तम है। इस त्योहार के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है, जिससे छोटे व्यापारियों को लाभ हुआ है।
