अलीगढ़ को इंदौर-चंडीगढ़ जैसा बनाने के लिए ‘जनक्रांति’ की जरूरत: मेयर
अलीगढ़ को इंदौर और चंडीगढ़ जैसे शहरों की तर्ज पर विकसित करने के लक्ष्य के साथ, अलीगढ़ वाइब्रेंट के तहत एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेयर प्रशांत सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शहर के प्रमुख नागरिकों, जिनमें डॉक्टर, वकील, शिक्षक, व्यापारी और उद्यमी शामिल थे, ने शहर के विकास के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य शहर की सूरत और सीरत को बदलना है, जिसमें सफाई, अतिक्रमण, जल संरक्षण, जल निकासी और समग्र विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
जनक्रांति और जनभागीदारी से होगा बदलाव
मेयर प्रशांत सिंघल ने इस अवसर पर कहा कि अलीगढ़ को इंदौर और चंडीगढ़ जैसा शहर बनाने के लिए एक ‘जनक्रांति’ की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि शहर के प्रत्येक नागरिक को बदलाव के लिए एक कदम आगे बढ़ाना होगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने भी नागरिकों के सवालों का जवाब देते हुए शहर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
अतिक्रमण पर नकेल, हाउस टैक्स में जुड़ेगा जुर्माना
संवाद के दौरान अतिक्रमण एक प्रमुख मुद्दा रहा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अब नगर निगम केवल बल प्रयोग से अतिक्रमण नहीं हटाएगा, बल्कि तकनीक का सहारा लिया जाएगा। रसलगंज और मामू भांजा जैसे क्षेत्रों में कैमरे की निगरानी में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। भविष्य में, जो भी व्यापारी अतिक्रमण करेगा, उसके हाउस टैक्स बिल में जुर्माने की राशि जोड़ी जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि फुटपाथ आम जनता के चलने के लिए हैं।
जल निकासी में सुधार और शहर का बदलता आकार
जलभराव की समस्या पर बात करते हुए, नगर आयुक्त ने बताया कि जल निकासी की दिशा में युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। चरकवालान और सराय रहमान में बड़े पंपिंग स्टेशनों की स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने कहा कि जो लोग अलीगढ़ को ‘कटोरे जैसा’ कहते हैं, वे गलत हैं; शहर अब ‘प्लेट के आकार’ में आ रहा है, जिससे पानी आसानी से बाहर निकल जाएगा। सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण से जल निकासी में सुधार हुआ है और रामघाट रोड व मैरिस रोड पर अब अधिक समय तक पानी नहीं भरता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कचरा नालों में न फेंकें, जिससे जल निकासी व्यवस्था सुचारू रहे।
इंदौर की सफाई व्यवस्था से प्रेरणा
नागरिकों ने चंडीगढ़ और इंदौर की सफाई व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि वहां दिन में सड़कों पर कचरा दिखाई नहीं देता। नगर आयुक्त ने बताया कि इंदौर में सफाई का कार्य मुख्य रूप से रात में होता है, लेकिन वहां के नागरिक दिन में कहीं भी कचरा नहीं फेंकते। वे रैपर आदि को अपने वाहन या डस्टबिन में रखते हैं। उन्होंने अलीगढ़ के नागरिकों से भी इसी तरह की जागरूकता और सहयोग की अपील की, यह कहते हुए कि सीमित संसाधनों के बावजूद, नागरिकों के सहयोग से ही यह बदलाव संभव है।
युवाओं के लिए एडवेंचर पार्क और विकास परियोजनाएं
मेयर प्रशांत सिंघल ने घोषणा की कि युवाओं को बढ़ावा देने के लिए अलीगढ़ में जल्द ही एक एडवेंचर पार्क की स्थापना की जाएगी। यह पार्क बरौला बाईपास रोड पर लगभग 4.1 हेक्टेयर भूमि पर 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देना और नगर निगम के लिए आय का एक नया स्रोत बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वाइब्रेंट अलीगढ़’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है, जिसमें नागरिक स्वयं विकास की दिशा तय करेंगे।
