Lucknow News: 17 माह का किराया बकाया, एलयू ने कैंटीन पर जड़ा ताला, काटी बिजली-पानी
लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) में लंबे समय से किराया न देने वाली कैंटीनों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण विभाग की टीम ने बुधवार सुबह 10 कैंटीनों पर ताला लगा दिया और उनके बिजली-पानी के कनेक्शन भी काट दिए। इस कार्रवाई के बाद हरकत में आए नौ कैंटीन संचालकों ने शाम तक अपना बकाया किराया जमा कर दिया। वहीं, एक संचालक ने गुरुवार सुबह 11 बजे तक का समय मांगा है।
यह कार्रवाई निर्माण अधीक्षक डॉ. श्यामलेश तिवारी के निर्देश पर की गई, जिन्हें जनभवन से व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी किया गया था। डॉ. तिवारी ने बताया कि 17 महीने से किराया बकाया था, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। बकाया किराए के साथ कैंटीन संचालकों से बिजली-पानी काटने और जोड़ने का शुल्क भी लिया गया है। सबसे बड़े बकायेदारों में मेसर्स जितेंद्र सिंह फर्म की दो कैंटीन शामिल हैं।
किराया वसूली की प्रक्रिया के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कैंटीन जिस फर्म के नाम से आवंटित हैं, उसका किराया किसी और के नाम से जमा हो रहा था। इस मामले को संवेदनशील मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर भारी अर्थदंड लगाने की चेतावनी दी है।
लाखों रुपये का किराया 17 महीने से बकाया होने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर एलयू प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी ओर से कार्रवाई कर रहा है और जो भी जानकारी मिलती है, उसे प्रेषित किया जाता है।
इस मामले से छात्रों और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर तत्काल असर पड़ सकता है, खासकर अगर कैंटीनें लंबे समय तक बंद रहती हैं। यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की वित्तीय प्रबंधन और नियमों के अनुपालन पर भी सवाल खड़े करती है।
