सिढ़पुरा आरा मशीन की एनजीटी जांच: ध्वनि और वायु प्रदूषण पर होगी कार्रवाई
सिढ़पुरा कस्बे में करतला रोड स्थित एक आरा मशीन से कथित तौर पर फैल रहे ध्वनि और वायु प्रदूषण के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को जांच के आदेश दिए हैं। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध कानून के अनुसार उपचारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। यह मामला मूल वाद संख्या 402/2026 में सुनवाई के दौरान सामने आया, जहां याचिकाकर्ता सुनील कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि आरा मशीन से निकलने वाला शोर और धूल आसपास के लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इस संबंध में 11 जून 2026 को यूपीपीसीबी को शिकायत भेजी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। एनजीटी की प्रधान पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीपीसीबी को मौके का निरीक्षण कर तथ्यों का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। बोर्ड को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायत की विधिवत जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आरा मशीन पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर रही है या नहीं।
अधिकरण ने अपने आदेश में कहा है कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए संबंधित संचालक पर कार्रवाई की जाए। यह पूरी प्रक्रिया आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी। एनजीटी ने याचिकाकर्ता को यह भी अनुमति दी है कि वह आदेश की प्रति और शिकायत की प्रति यूपीपीसीबी के सदस्य सचिव को उपलब्ध करा सकता है, ताकि अनुपालन प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके। इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई से स्थानीय निवासियों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।
