कानपुर देहात: छात्रों पर लाठीचार्ज और खाद की किल्लत के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
कानपुर देहात के माती मुख्यालय पर कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और किसानों को खाद की किल्लत जैसी समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अम्बरीष सिंह गौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पद यात्रा निकालकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर जनता, खासकर छात्रों, युवाओं और किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकारों को ‘तानाशाह’ करार दिया और कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतर चुकी है। जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को सरकार का चेहरा बताया गया। राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें खाद की किल्लत और बिजली बिल जैसी स्थानीय मांगों का भी जिक्र था।
इस प्रदर्शन का सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, क्योंकि यह मुद्दे सीधे तौर पर किसानों और छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं, जिनकी आवाज को दबाने का आरोप सरकार पर लगाया जा रहा है।
वहीं, रूरा कस्बे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं दिलीप सिंह मुन्ना और बीरे शुक्ला ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंकने का प्रयास किया। स्थानीय पुलिस को इसकी भनक लगते ही वह मौके पर पहुंच गई और उन्हें रोक लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सरकार और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों कार्यकर्ताओं को थाने लाकर पूछताछ की और हिदायत देकर छोड़ दिया।
