17 साल पुराने केस में हैदरगढ़ इंस्पेक्टर के खिलाफ जारी हुआ अरेस्ट वारंट, UP police news
आयुर्वेद घोटाला प्रकरण की विशेष अदालत ने 17 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में हैदरगढ़ के इंस्पेक्टर अजय कुमार त्रिपाठी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गवाही के लिए बार-बार हाजिर न होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश रोहित सिंह ने दिया है।
अदालत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को निर्देश दिया है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर अजय कुमार त्रिपाठी पर गिरफ्तारी वारंट का तामीला कराएं और उन्हें 20 जुलाई को न्यायालय में पेश करना सुनिश्चित करें। यह हत्या के प्रयास का मुकदमा वर्ष 2009 से सरकार बनाम जसवंत सिंह के नाम से विशेष अदालत में विचाराधीन है।
अदालत ने कहा कि इतने पुराने मुकदमे में अब तक केवल दो गवाह पेश हुए हैं, जो आपत्तिजनक है। इससे पहले भी इंस्पेक्टर त्रिपाठी को वारंट और नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। उनके न आने से मुकदमे की कार्रवाई बाधित हो रही है। न्यायाधीश ने यह भी आदेश दिया है कि इंस्पेक्टर के न्यायालय में उपस्थित होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत होने पर ही उनके वेतन का भुगतान किया जाए। इस पुराने मामले में गवाही के लिए अधिकारियों की अनुपस्थिति न्याय प्रक्रिया में बाधा डाल रही है, जिससे वादी और प्रतिवादी दोनों को परेशानी हो रही है।
