आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का चुनाव से चयन हो: Medical Teachers Association की मांग
प्रदेश की विभिन्न समितियों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों के चयन को लेकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने शासन से हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का मानना है कि संस्थानों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का मनोनयन करने के बजाय चुनाव के माध्यम से चयन किया जाना चाहिए, ताकि उनका प्रतिनिधित्व प्रभावित न हो।
एसोसिएशन के महासचिव डॉ. हरि राम ने बताया कि कई संस्थानों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन मनमाने तरीके से हो रहा है। उन्होंने मांग की कि फैकल्टी चयन समिति, अनुशासन समिति, जांच समिति जैसी सभी समितियों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधि शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा चुनाव के जरिए चुने जाएं। यह बदलाव आरक्षित वर्ग को समान अवसर प्रदान करेगा।
इसके अतिरिक्त, संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग की चयन समितियों में भी आरक्षित वर्ग के सदस्यों को शामिल करने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने कुलपति, निदेशक और प्रधानाचार्य चयन समितियों में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को शामिल करने पर जोर दिया है। विश्वविद्यालयों, संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने से आरक्षित वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
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