ई-रजिस्ट्री विरोध: वकीलों ने किया मार्च, एसडीएम की चेतावनी पर भड़के अधिवक्ता
उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ स्थानीय अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने तहसील परिसर में पैदल मार्च निकालकर और नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। सरकार की इस नीति के विरोध में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम खैर को सौंपा। इस दौरान प्रशासन और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने सरकारी कार्य में बाधा डालने पर FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि ई-रजिस्ट्री से हजारों लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) का भी समर्थन प्राप्त है। वहीं, एसडीएम शिशिर कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि वकीलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय के काम या जनता को बाधित करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अतरौली में भी तहसील बार एसोसिएशन फ्रंट ऑफिस के विरोध में उप निबंधक कार्यालय पर धरना जारी है। अधिवक्ताओं ने नई व्यवस्था को वकीलों और वादकारियों के लिए असुविधाजनक बताते हुए इसका विरोध किया। इस धरने में कई अधिवक्ता नेताओं ने भाग लिया।
इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर संपत्ति के पंजीकरण और संबंधित सेवाओं पर पड़ सकता है, जिससे आम जनता को असुविधा हो सकती है।
