दयाल फार्म्स में कचरा डंपिंग से भूजल प्रदूषण का खतरा, स्थानीय लोगों का गुस्सा | Lucknow groundwater pollution
लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में दयाल फार्म्स कॉलोनी के पास हो रही अनियंत्रित कचरा डंपिंग ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। पिछले कई महीनों से यहां नगर निगम द्वारा मिश्रित कचरा फेंका जा रहा है, जिससे न केवल इलाके में भीषण दुर्गंध फैल गई है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे बड़ी चिंता भूजल प्रदूषण को लेकर है, जो भविष्य में एक बड़े संकट का रूप ले सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित मनोरथ गौशाला परियोजना के परिसर में हजारों ट्रक कचरा डाला जा चुका है। विरोध के बावजूद डंपिंग जारी रहने से निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों में सांस की तकलीफ, सिरदर्द और उल्टी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गई हैं। शाम को दुर्गंध पूरे इलाके में फैल जाती है, जिससे घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।
निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासनिक उदासीनता से लोगों में भारी नाराजगी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कचरे से निकलने वाला जहरीला लीचेट जमीन में रिसकर भूजल को दूषित कर सकता है। दयाल फार्म्स और आसपास के हजारों लोग पेयजल के लिए भूजल पर निर्भर हैं। यदि यह प्रदूषण बढ़ा तो उनके पेयजल स्रोत खतरे में पड़ जाएंगे, जिसके दूरगामी और भयावह परिणाम हो सकते हैं।
