सपा पार्षद ललित तिवारी को मिली शपथ, हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ मेयर ने दिलाई पद की गरिमा
लखनऊ नगर निगम कार्यालय में रविवार को समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित तिवारी को पद की शपथ दिलाई गई। यह शपथ ग्रहण समारोह इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद संपन्न हुआ, जिसके चलते मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए गए थे। शपथ ग्रहण के साथ ही मेयर के अधिकार भी बहाल हो गए। फैजुल्लागंज वार्ड से निर्वाचित तिवारी को नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पद की गरिमा दिलाई गई।
यह पूरा मामला निकाय चुनाव-2023 से जुड़ा है, जहां भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला ने ललित तिवारी को 1672 वोटों से हराया था। बाद में ललित तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि प्रदीप शुक्ला ने अपनी दूसरी शादी की जानकारी चुनावी हलफनामे में छिपाई थी। कोर्ट ने आरोपों को सही पाते हुए भाजपा प्रत्याशी का निर्वाचन रद्द कर दिया और ललित तिवारी को निर्वाचित पार्षद घोषित करने का आदेश दिया।
इस शपथ ग्रहण में हुई देरी पर लखनऊ की बीजेपी मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मुंबई में एक कार्यक्रम से लौटने के बाद वे बीमार पड़ गई थीं और अस्पताल में भर्ती थीं। स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्होंने तत्काल शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की।
मेयर ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश का पालन किया गया है, जिसमें दूसरे नंबर के प्रत्याशी को शपथ दिलाने का निर्देश था। वहीं, नव-निर्वाचित पार्षद ललित तिवारी ने इसे न्याय की जीत बताया और अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 29 मई को तय की है और मेयर को आदेश का पालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी है।
