स्कूलों के जलकर-सीवर कर विवाद सुलझाने को निगम सख्त, एक सप्ताह में होगा निस्तारण
शहर के स्कूलों और कॉलेजों से वसूले जा रहे जलकर एवं सीवर कर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवादों के निस्तारण के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में फैसला लिया गया कि शिक्षण संस्थानों से संबंधित सभी आपत्तियों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा। इस कदम से शहर के 1339 स्कूलों के लंबित मामले सुलझने की उम्मीद है, जो कर निर्धारण में विसंगतियों और अधिक मूल्यांकन को लेकर आपत्तियां दर्ज करा चुके थे।
बैठक में नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर निर्धारण और पुनरीक्षण से जुड़े मामलों की रोजाना समीक्षा की जाएगी और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों और कॉलेजों ने जलकर एवं सीवर कर को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं, उनकी सुनवाई समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए। पुनरीक्षण के बाद यदि किसी स्कूल या कॉलेज के वार्षिक मूल्य में संशोधन होता है तो उसे तत्काल ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कर निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि शिक्षण संस्थानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। महापौर ने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए।
