सपा ने I-PAC से क्यों तोड़ा नाता? ओपी राजभर ने ममता के ‘कोल स्कैम’ फंडिंग का लगाया आरोप, अखिलेश से पूछा सवाल
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसकी चुनावी रणनीति कंपनी I-PAC के बीच संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजभर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC को सपा के लिए काम करने का निर्देश दिया था, जिसकी फंडिंग कथित कोयला घोटाले के पैसों से की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा हवाला के जरिए उत्तर प्रदेश में I-PAC की शाखा तक पहुंचाया जाना था।
राजभर के अनुसार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार के बाद कथित तौर पर फंडिंग रुक गई, जिसके चलते समाजवादी पार्टी ने लगभग ढाई महीने काम कराने के बाद I-PAC से अपना नाता तोड़ लिया। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधे सवाल पूछते हुए कहा, “इसका जवाब दीजिए अखिलेश जी?” इस बयानबाजी से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है, हालांकि सपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों से पहले बयानबाजी और दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हैं। इससे पहले, अखिलेश यादव ने स्वीकार किया था कि पार्टी के पास फंड की कमी है और उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए थोड़े समय के लिए I-PAC को काम पर रखा था, लेकिन फंड की कमी के कारण वे इस व्यवस्था को जारी नहीं रख सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी इलेक्टोरल बॉन्ड और धार्मिक चंदा भी ले रही है, लेकिन विश्वास जताया कि 2027 में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मिलकर चुनाव जीतेगा।
