कानपुर में तीन दिन तक सड़ती रही युवक की लाश, परिजन बोले- चूहा मर गया
कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में एक दो मंजिला मकान में बने कमरे में 45 वर्षीय युवक जगदीश गुप्ता उर्फ जुगनू का शव तीन दिनों तक सड़ता रहा, लेकिन परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। दुर्गंध उठने पर परिजनों ने पहले सोचा कि कहीं चूहा मर गया है। अगले दिन जब एक कमरे से तेज बदबू आने लगी तो अनहोनी की आशंका में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर देखा तो युवक का शव फर्श पर पड़ा मिला।
यह घटना महेश्वरी मोहाल की है, जहां बब्बन लाल गुप्ता का दो मंजिला मकान है। उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर के 45 वर्षीय अविवाहित बेटे जगदीश द्वितीय मंजिल पर बने एक कमरे में अकेले रहते थे। जगदीश मनीराम बगिया में एक दुकान में काम करते थे। परिवार के अन्य सदस्य मकान की अलग-अलग मंजिलों पर रहते हैं।
बुधवार शाम को द्वितीय तल में रहने वाले चाचा के लड़के ने सामने बने कमरे से तेज दुर्गंध उठने पर परिजनों को घटना की जानकारी दी। कमरे में झांककर देखने पर जगदीश की लाश पड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की।
पूछताछ में सामने आया है कि जगदीश को आखिरी बार रविवार शाम को किराएदार अजय ने देखा था। वह नशे के आदी थे और अक्सर अकेले ही रहते थे, जिस कारण परिवार के लोगों का उनसे ज्यादा मतलब नहीं रहता था। हैरानी की बात यह है कि तीन दिन तक बदबू उठने पर भी परिजन चूहा मरने की बात समझते रहे।
कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक का कमरा अंदर से बंद था और कमरे में शराब की बोतलें मिली हैं। प्रथम दृष्टया आशंका है कि ज्यादा शराब पीने से मौत हुई है। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इलाके में भी चर्चा छेड़ दी है।
