लखनऊ: नौकरी का झांसा देकर 150 बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी, फर्जी एनजीओ का खुलासा
राजधानी लखनऊ में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने जीवन पथ और बेक फाउंडेशन नामक फर्जी एनजीओ के जरिए स्वास्थ्य विभाग की क्षय रोग जागरूकता योजना के नाम पर 150 से अधिक युवाओं को निशाना बनाया। इन बेरोजगारों से कोऑर्डिनेटर और फील्ड अफसर बनाने का झांसा देकर प्रति व्यक्ति एक से सवा लाख रुपये वसूले गए।
ठगी का शिकार हुए अधिकतर बेरोजगार महाराजगंज, देवरिया और गोरखपुर सहित अन्य जिलों के रहने वाले हैं। पीड़ितों की शिकायत पर विकासनगर थाने में पारसनाथ खरवार, विपिन और प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पारसनाथ ने अपने एनजीओ के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग से क्षय रोग जागरूकता अभियान चलाने का काम मिलने का दावा किया था। उसने नौकरी के लिए प्रशिक्षण, नियुक्तिपत्र, मेडिकल और आईडी कार्ड के नाम पर बेरोजगारों से मोटी रकम ऐंठी।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने पारसनाथ के कहने पर विकासनगर स्थित दफ्तर में अपने शैक्षिक दस्तावेज जमा कराए और नौकरी के लिए मांगे गए पैसे का भुगतान किया। नियुक्तिपत्र और आईडी कार्ड मिलने के बाद उन्होंने काम शुरू किया, लेकिन कुछ ही दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पड़ताल की तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। इस तरह की घटनाएं राजधानी में आम हो गई हैं, जहां साइबर ठग लगातार लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं।
