अलीगढ़ में आवंटियों को अनावश्यक नोटिस नहीं: डीएम ने दिए निर्देश, business development पर जोर
अलीगढ़ के कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला उद्योग बन्धु एवं व्यापार बन्धु की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी संजीव रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक भूखंड आवंटियों को किसी भी सूरत में अनावश्यक नोटिस जारी नहीं किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे आवंटियों का मनोबल प्रभावित होता है और व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आती है।
बैठक में सीडीएफ एवं तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र में 132 केवीए विद्युत केंद्र की स्थापना, अप्रेन्टिशिप अधिनियम के तहत अधिक से अधिक प्रशिक्षुओं के पंजीकरण को बढ़ावा देने, और एमएसएमई विभाग द्वारा विकसित प्लेज़ पार्क में प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, प्लेज़ पार्क के संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही विद्युत लाइनों को शिफ्ट कराने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
जिलाधिकारी ने पीपीपी मॉडल पर आधारित प्लेज़ पार्क के विकास को प्राथमिकता देने, औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत ट्रिपिंग की समस्या के स्थायी समाधान खोजने और सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाने के निर्देश भी जारी किए। यह कदम औद्योगिक इकाइयों के सुचारू संचालन और कर्मचारियों की सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नवीन औद्योगिक आस्थान ख्यामाई में प्लग एंड प्ले आधार पर शेड विकसित करने, वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने और आवंटियों को अनावश्यक नोटिस न दिए जाने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आरएम यूपीसीडा श्याम गोपाल ने बताया कि तालानगरी में भूमि की अनुपलब्धता के कारण छेरत में विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इन सभी पहलों का उद्देश्य अलीगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देना और निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
