बीमा कंपनी धोखाधड़ी: आरोपी की जमानत अर्जी खारिज, किसानों को मिलेगा न्याय
अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा, कनिष्क सिंह के न्यायालय ने बीमा कंपनी द्वारा किसानों के खातों में क्षतिपूर्ति के फर्जी भुगतान के मामले में आरोपी भूपेन्द्र सिंह राजपूत की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। यह निर्णय किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने की दिशा में एक अहम कदम है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रभक्त किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष की शिकायत के बाद यह मामला संज्ञान में आया था। शिकायत के अनुसार, ग्राम सिमरधा, तहसील गरौठा में एक ही परिवार के कुछ कृषकों के खातों में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा लाखों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया था। इस गंभीर आरोप की जांच के लिए शरद मौर्या, उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, मऊरानीपुर को नामित किया गया था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2024-2025 में कुछ किसानों के आधार कार्ड से जांच करने पर पाया गया कि ग्राम सिमरधा के 10 किसानों के खातों में बीमा कंपनी ने क्षतिपूर्ति का भुगतान किया है। इस मामले में अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह राजपूत पुत्र शैलेन्द्र सिंह निवासी ग्राम धरणावा, थाना कोतवाली, जिला जालौन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र को न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। इस फैसले से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है और यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
