0

ईरान-इजरायल युद्ध का 24वां दिन: क्लस्टर बम हमले, वैश्विक ऊर्जा संकट का मंडराता खतरा

By Mar 23, 2026

ईरान और इजरायल के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष आज 24वें दिन में प्रवेश कर गया है। रविवार रात ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव सहित कई शहरों पर क्लस्टर बम दागे, जिससे करीब 15 लोग घायल हुए और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। इसके जवाब में इजरायल ने सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले किए।

इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने स्पष्ट किया है कि इजरायल तब तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक ईरान को पूरी तरह से निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने किसी भी हमले का जवाब देने की बात कही है और चेतावनी दी है कि यदि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया तो होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया जा सकता है, जिसका वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ेगा।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ युद्धविराम पर बातचीत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, ईरान ने बातचीत के लिए पहले युद्ध रोकने और हुए नुकसान का मुआवजा देने की शर्त रखी है। अमेरिका ईरान से अपने मिसाइल कार्यक्रम को रोकने, यूरेनियम संवर्धन बंद करने और हिजबुल्लाह व हमास को वित्तीय सहायता बंद करने की मांग कर रहा है।

ऊर्जा संकट के बीच, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर ने तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कमी देखी जा रही है, जिसका एक मुख्य कारण होर्मुज स्ट्रेट का संभावित रूप से बंद होना है।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने ईरान युद्ध को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कई ऊर्जा संकटों को एक साथ ला रही है और दुनिया का कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहेगा।

युद्ध के बीच फंसे हुए लोगों की पीड़ा भी सामने आ रही है। ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही कश्मीरी छात्रा फलक और उनके साथ 180 अन्य भारतीय छात्र ईरान-अजरबैजान सीमा पर फंसे हुए हैं, जो सुरक्षित घर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें