Iran Israel War: ट्रम्प बोले- मेरे बिना ईरान नया सुप्रीम लीडर न चुने; भारत ने जताया शोक
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध में अब तक 1200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की आपदा राहत संस्था के मुताबिक, हमलों में 3000 से ज्यादा घर और 500 दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। राजधानी तेहरान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 14 अस्पताल और मेडिसिन सेंटर्स भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इजराइली मीडिया के अनुसार, इजराइली हमलों में करीब 300 ईरानी मिसाइल लॉन्चर्स तबाह हुए हैं। युद्ध के कारण देश के कई हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर नया नेता भी पुरानी नीतियों को जारी रखता है, तो अमेरिका और ईरान के बीच टकराव जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसा नेता चाहता है जो ईरान में शांति और स्थिरता ला सके।
भारत ने पहली बार ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर संवेदना व्यक्त की। इस बीच, दिल्ली में चल रहे रायसीना डायलॉग 2026 में ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि ईरान के पास अमेरिकी-इजराइली हमले के खिलाफ लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को ‘औपनिवेशिक नजरिया’ बताया।
युद्ध के मद्देनजर इंडोनेशिया ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। सरकार के मुताबिक, पहले चरण में 32 इंडोनेशियाई नागरिकों को अजरबैजान के रास्ते निकाला जाएगा। ईरान में कुल 329 इंडोनेशियाई नागरिक हैं, जिनमें से ज्यादातर छात्र कोम शहर में पढ़ाई कर रहे हैं।
