कानपुर धर्मांतरण रैकेट: महिला आरोपी की जमानत याचिका खारिज, विदेशी फंडिंग का खुलासा
कानपुर देहात की अकबरपुर अदालत ने धर्मांतरण रैकेट की एक महिला आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला कौशल प्रशिक्षण की आड़ में लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई बनाने से जुड़ा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि एक आंध्र प्रदेश स्थित संस्था गरीबों को निशाना बना रही थी।
इस रैकेट का खुलासा कन्नौज से मिली सूचना के बाद हुआ, जिसके बाद एसआईटी ने जांच शुरू की। संस्था में मानदेय पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर संस्था की प्रधानाचार्य सावित्री शर्मा, एक पादरी और एक एकाउंटेंट के खिलाफ धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आरोपी सावित्री शर्मा की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन ने बताया कि संस्था के प्रशिक्षण की आड़ में धर्मांतरण का खेल चल रहा था और विदेशों से बड़ी धनराशि संस्था के खातों में भेजी जा रही थी। बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार किया था।
सुनवाई के दौरान, अकबरपुर कोतवाल ने अदालत में उपस्थित होकर आरोपी के खाते में आई करीब 12 लाख रुपये की धनराशि और मामले में उसकी संलिप्तता के अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह फैसला राज्य में चल रहे अवैध धर्मांतरण के रैकेट पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
कानपुर में चाइनीज मांझे से बाइक सवार घायल, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
लखनऊ में बनेगा अर्बन पार्क: ग्रीन रूफ लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स एरीना की होगी सुविधा
लखनऊ में जूडो प्रतियोगिता: मेजबान खिलाड़ी देंगे सहारनपुर-हापुड़ को चुनौती, state judo championship
कानपुर: नानाराव पार्क में रुक्मिणी विवाह की झांकी, कथा का छठवां दिन संपन्न
सचेंडी में ट्रक दुर्घटना: खड़े वाहन में घुसा तेज रफ्तार ट्रक, चालक की दर्दनाक मौत
बच्चों के टेढ़े पंजे का इलाज: जिला अस्पताल में पाएं फ्री सुविधा
यूपी पंचायत चुनाव: अब समर्पित आयोग की रिपोर्ट से तय होगा OBC आरक्षण, कोर्ट ने याचिका निस्तारित
कानपुर अंडर-13 क्रिकेट लीग: जीडीएस एकेडमी 35 रन पर ढेर, क्रिक आईटी की आसान जीत
