लखनऊ में ‘सेफर इंटरनेट डे’ पर कार्यशाला, अधिकारियों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ | Lucknow news
आज के डिजिटल युग में इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, लखनऊ जिला प्रशासन, लखनऊ ने ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के 100 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल खतरों से बचाव के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला में साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने ‘रुकें, सोचें और जांचें’ (Stop, Think, Check) के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया। यह सिद्धांत किसी भी संदिग्ध लिंक या संदेश पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह देता है। अधिकारियों को बताया गया कि डिजिटल अरेस्ट और मनोवैज्ञानिक दबाव जैसे खतरों से कैसे बचा जाए, जहाँ अपराधी डेटा साझा करने के लिए दबाव बनाते हैं।
कार्यशाला में साइबर अपराध की रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को सलाह दी गई कि किसी भी साइबर घटना की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या सरकारी पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, एआई (AI) के सुरक्षित और नैतिक उपयोग पर भी चर्चा हुई, ताकि सरकारी कामकाज में इसका सही ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को न केवल व्यक्तिगत रूप से सुरक्षित रखेगा, बल्कि उन्हें आम जनता को भी जागरूक करने में मदद करेगा।
