कानपुर News: श्रीमद्भागवत कथा में बोले कृष्ण चंद्र शास्त्री, ‘दुख ही मानव की संपत्ति है’
कानपुर के नानाराव पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री महाराज ने कुंती स्तुति प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि दुख ही मानव की सबसे बड़ी संपत्ति है और भगवान को याद रखना ही वास्तविक संपत्ति है। उन्होंने भक्तों को बताया कि विपत्ति से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि इसे भगवान को याद करने का अवसर मानना चाहिए।
शास्त्री जी ने महाभारत की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि माता कुंती ने भगवान से दुख मांगा था। उन्होंने कहा कि विपत्ति को विपत्ति नहीं कहते, और संपत्ति को संपत्ति नहीं कहते। वास्तविक विपत्ति तो भगवान को भूल जाना है। जब तक मनुष्य भगवान को याद रखता है, तब तक वह सबसे बड़ी संपत्ति का स्वामी होता है।
श्री सालासर बालाजी महिला मंडल द्वारा आयोजित इस कथा के दौरान ‘बांके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा…’ भजन पर सभी भक्त भाव-विभोर हो गए। व्यास पीठ की आरती कथा यजमान संतोष सोनी, मनोज सोनी और सचिन सोनी ने की। इस अवसर पर राम प्रताप सोनी, नवीन डारोलिया, राम गोपाल पण्डेय और विनोद गुप्ता सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
