शहीद मेजर सलमान के गांव मिस्सा के लिए फिर शुरू हुई बस सेवा, कानपुर से सीधी कनेक्टिविटी
कानपुर के झकरकटी बस अड्डे, जिसका नाम बदलकर शहीद मेजर सलमान अन्तर्राज्यीय बस अड्डा कर दिया गया है, से उनके पैतृक गांव मिस्सा (फतेहपुर) के लिए बस सेवा फिर से शुरू हो गई है। यह बस सेवा लगभग दो दशक पहले बंद हो गई थी, लेकिन अब इसे पुनः चालू किया गया है।
इस सेवा की बहाली के पीछे सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल और स्थानीय समाचार पत्रों के अभियान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अक्टूबर 2025 में, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद परवेज आलम ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखकर इस सेवा को फिर से शुरू करने की मांग की थी। उन्होंने शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित करने और टिकट पर शहीद के नाम को दर्ज कराने का भी आग्रह किया था।
सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए गुरुवार से शहीद मेजर सलमान अहमद खान बस सेवा की शुरुआत की। यह बस शाम चार बजे कानपुर से मिस्सी (बिंदकी तहसील) के लिए रवाना होती है। यह रात में मिस्सी में रुकेगी और सुबह 07:00 बजे फतेहपुर पहुंचेगी, जिसके बाद कानपुर के लिए प्रस्थान करेगी। यह एक नियमित सेवा होगी।
बस पर शहीद के नाम का स्टिकर भी लगाया गया है, जो उनके प्रति सम्मान को दर्शाता है। इस सेवा के शुरू होने से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद परवेज ने शहीद के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया है। यह बस सेवा न केवल शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह कानपुर और फतेहपुर के बीच सीधी कनेक्टिविटी भी प्रदान करती है, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।
