मतदाता सूची में गड़बड़ी: एसआईआर अभियान में दस्तावेज नहीं मिलने से मतदाता परेशान, सरकारी खामियों का खामियाजा भुगत रहे लोग
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत एसआईआर (SIR) अभियान के दूसरे चरण में नॉन-मैपिंग के कारण जारी किए गए नोटिस मतदाताओं के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। कई मतदाताओं का कहना है कि गणना प्रपत्र भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने और जानकारी देने के बावजूद, उनकी मैपिंग नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें अब नोटिस मिल रहे हैं। इस सरकारी खामी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
तहसील स्तर पर सुनवाई की सीमित व्यवस्था के कारण दूरदराज के गांवों के निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैथा क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों, जैसे संजय, विश्राम सिंह, प्यारे लाल और मनोज कुमार ने बताया कि अकबरपुर तहसील तक पहुंचने में ही सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बज जाते हैं। निर्धारित सुनवाई का समय 9 से 12 बजे तक होने के कारण उन्हें अक्सर इंतजार करना पड़ता है या फिर बिना सुनवाई के लौटना पड़ता है। तहसील मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग एक बार आने के बाद बिना सुनवाई के वापस नहीं लौटना चाहते।
घुमंतू परिवारों के सदस्यों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है, क्योंकि उनके स्वयं के अभिलेखों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार अपूर्णता की समस्या सामने आ रही है। सदर तहसील सभागार में नोटिस सुनवाई के लिए प्रतिदिन भीड़ जमा रहती है, जिससे व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता है। यह अभियान, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को सुदृढ़ करना है, वर्तमान में प्रशासनिक खामियों के कारण मतदाताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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