India Post की अनोखी पहल: जब बादलों को चीरकर पहुंची थी पहली हेलीकॉप्टर डाक सेवा
आज के आधुनिक युग में ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से पलक झपकते ही संदेश पहुंच जाते हैं। लेकिन 27 जनवरी 1988 को भारत ने एक ऐसी पहल की थी, जिसने दुर्गम क्षेत्रों में संचार को पूरी तरह बदल दिया। यह वह दिन था जब भारत की पहली हेलीकॉप्टर डाक सेवा (Helicopter Mail Service) शुरू हुई थी।
इस सेवा की शुरुआत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक द्वीप जैसे दूरदराज के इलाकों तक डाक पहुंचाना था। इन द्वीपों तक सड़क या रेल मार्ग से पहुंचना संभव नहीं था, और समुद्री मार्ग से डाक पहुंचने में कई दिन लग जाते थे।
इस ऐतिहासिक सेवा को सफल बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने पवन हंस लिमिटेड के साथ साझेदारी की थी। इस सेवा में ‘डॉफिन’ हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया था। इस पहल से उन क्षेत्रों में डाक वितरण का समय काफी कम हो गया, जहां पहले 2 से 3 दिन लग जाते थे।
इस अनोखी शुरुआत की याद में भारतीय डाक विभाग ने विशेष ‘फर्स्ट डे कवर’ भी जारी किए थे। इन कवर्स पर ‘हेलीकॉप्टर मेल’ की विशेष मुहर लगाई गई थी। यह पहल न केवल संचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम थी, बल्कि इसने भारत के डाक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।
