UP Election Commission के रडार पर कई जिले, वोटर लिस्ट से कम नाम कटने पर BLO पर जांच बैठी जांच
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची शुद्धिकरण का बड़ा अभियान चलाया गया है। इस दौरान राज्य की मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। यह कुल मतदाताओं का 18.71 प्रतिशत है। पहले राज्य में 15.44 करोड़ वोटर थे, जो अब घटकर 12.55 करोड़ रह गए हैं। इस प्रक्रिया में कई जिलों में नाम हटाने की दर राज्य के औसत से काफी कम पाई गई है, जिस पर UP Election Commission ने गंभीर संज्ञान लिया है।
आयोग की गोपनीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कुछ जिलों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने अपने स्तर पर ही फॉर्म जमा कर दिए। आशंका है कि कई फॉर्म बिना फोटो और उचित सत्यापन के भर दिए गए। ललितपुर, पीलीभीत, अमरोहा, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, गाजीपुर और अम्बेडकरनगर जैसे जिलों में नाम हटाने का प्रतिशत 10.78% से 13.85% के बीच रहा, जो राज्य के औसत 18.71% से काफी कम है। इन जिलों में BLOs की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
हटाए गए नामों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। कुल 2.89 करोड़ नामों में से 1.54 करोड़ महिला मतदाता और 1.33 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में नाम हटाने की दर (28%) ग्रामीण क्षेत्रों (15.23%) से काफी अधिक रही। शहरी क्षेत्रों में 4.16 करोड़ से घटकर 2.99 करोड़ मतदाता रह गए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 11.28 करोड़ से घटकर 9.56 करोड़ मतदाता रह गए हैं।
मतदाता सूची का ड्राफ्ट रविवार को सभी बूथों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान मृत, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नामों की सूची भी दिखाई जाएगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथों पर फॉर्म-6, 7 और 8 भरवाने के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि सही नाम जोड़े जा सकें और गलत नाम हटाए जा सकें।
