गाजियाबाद में हाईवे हादसों के घायलों को मिलेगा मुफ्त इलाज, 10 प्राइवेट हॉस्पिटल नामित
गाजियाबाद में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर होने वाले सड़क हादसों के घायलों को अब निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को लागू करने के लिए कदम उठाए हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
पहले चरण में, गाजियाबाद जिले के दस बड़े प्राइवेट अस्पतालों को इस योजना के लिए नामित किया गया है। ये अस्पताल डीएमई (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के आसपास स्थित हैं। इन दोनों एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों की संख्या सबसे अधिक होती है।
यह योजना केंद्र सरकार की ‘कैशलैस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025’ के तहत लागू की जा रही है। इस योजना के तहत घायल व्यक्ति को 1.50 लाख रुपये तक या एक सप्ताह तक का इलाज किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में निःशुल्क मिल सकता है।
योजना के क्रियान्वयन के लिए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों और स्टाफ को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगा। नामित अस्पतालों में संतोष हॉस्पिटल, मणिपाल हॉस्पिटल, सर्वोदय ट्रामा सेंटर, यशोदा मेडिसिटी, मैक्स हास्पिटल, अम्बे हॉस्पिटल, निवोक हॉस्पिटल, नरेन्द्र मोहन हॉस्पिटल और वर्धमान हॉस्पिटल शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शासनादेश में एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति लिखा हुआ है, जिसका अर्थ है कि हादसे में किसी भी प्रकार से घायल व्यक्ति को निशुल्क उपचार मिलेगा। विभाग की टीम घायलों के भर्ती होने और उपचार मिलने के दौरान अस्पतालों का दौरा भी करेगी।
