कानपुर देहात में लापता होमगार्ड का शव मिला, मौत पर गहराया रहस्य; Kanpur Dehat news
कानपुर देहात में एक लापता होमगार्ड का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। 22 वर्षीय मयंक पाल की मौत को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच मतभेद बरकरार है, जिससे यह मामला और उलझ गया है। जहाँ पुलिस इसे एक दुर्घटना का परिणाम बता रही है, वहीं परिवार के सदस्य हत्या की आशंका जता रहे हैं। इस घटना ने पूरे कानपुर देहात news क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
बरौर थाना क्षेत्र के अरहरियामऊ गांव निवासी मयंक पाल 2 जनवरी को रूरा थाना क्षेत्र के करिगांव में अपनी बुआ के बेटे की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने के लिए एक होटल गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला, जिसके बाद परिजनों ने अकबरपुर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रविवार सुबह मयंक का शव जगजीवनपुर बंबे में पड़ा मिला। उनकी मां कांती देवी और भाई-बहनों ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताई है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि 2 दिसंबर की रात हुई एक तेज रफ्तार कार दुर्घटना में मयंक की मौत हुई थी, जिसमें उनके दोस्त शिवम की भी जान गई थी। पुलिस के अनुसार, मयंक का शव बंबे में गिर जाने के कारण उस समय पता नहीं चल पाया था। हालांकि, परिजन इस बात से सहमत नहीं हैं, क्योंकि दुर्घटनास्थल और कार में मयंक का कोई निशान नहीं मिला था।
परिजनों की हत्या की आशंका के बाद, पुलिस ने दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के तहत पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मयंक के शरीर पर सात गंभीर चोटें पाई गईं, जिसमें पसलियां टूटी हुई थीं और सिर की हड्डी में भी फ्रैक्चर था। इसके अलावा, उनके दोनों हाथों, सीने और पेट पर भी चोटें मिलीं। डॉक्टरों ने अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण बताया है।
इस रिपोर्ट ने मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि परिवार का मानना है कि इतनी गंभीर चोटें केवल दुर्घटना से नहीं आ सकतीं। परिजनों ने निगोही के पास सेंगुर नदी में दुर्वाषा आश्रम के पास मयंक का अंतिम संस्कार कर दिया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
