उत्तराखंड में हेली सेवाओं का विस्तार: चारधाम यात्रा होगी आसान, गुंजी तक उड़ान की तैयारी
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भौगोलिक चुनौतियों के कारण हेली और हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। केदारनाथ के बाद अब बद्रीनाथ और यमुनोत्री के लिए भी हेली शटल सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है, जिससे चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हेली सेवाओं का विस्तार
राज्य सरकार पिथौरागढ़ से लेकर केदारनाथ व चिन्यालीसौड़ तक हेली सेवाओं का संचालन कर रही है। इस वर्ष आपदा राहत कार्यों में भी हेली सेवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केदारनाथ में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए हेली सेवाएं विशेष रूप से लाभकारी साबित हुई हैं। अब सरकार इस सेवा का दायरा और बढ़ा रही है।
चारधाम के लिए शटल सेवा
इस वर्ष बदरीनाथ और यमुनोत्री के लिए भी हेली शटल सेवा शुरू होने की उम्मीद है। नागरिक उड्डयन विभाग गौचर से बदरीनाथ और जानकी चट्टी से यमुनोत्री के लिए हेली सेवा संचालित करने की तैयारी में है। इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। इन सेवाओं से यात्रियों का सफर और अधिक आसान हो सकेगा। फाटा के आसपास एक एयरपोर्ट विकसित करने का भी प्रयास चल रहा है।
पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का उन्नयन
पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 3-C श्रेणी में उच्चीकृत किया जा रहा है, जिससे यहां 72 सीटर हवाई जहाज उतर सकेंगे। यह सीमांत क्षेत्र होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
गुंजी में एयर स्ट्रिप की योजना
नागरिक उड्डयन विभाग गुंजी में भी एक एयर स्ट्रिप बनाने की योजना बना रहा है। जमीन का चिह्नीकरण किया जा रहा है। यह एयर स्ट्रिप पर्यटकों और सेना दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
सी प्लेन संचालन की संभावना
प्रदेश में सी प्लेन संचालन की भी नई उम्मीद जगी है। टिहरी, ऋषिकेश, नानकमत्ता, कालागढ़ व हरिपुरा झील को मिलाकर एक सर्किट तैयार किया गया है, जहां सी प्लेन उड़ाने की संभावनाओं का अध्ययन किया गया है। इस कार्ययोजना को केंद्र को भेजा गया है।
