उत्तराखंड news: रानीखेत में हिंसक जानवर के हमले से महिला की मौत, ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर मांगा न्याय
उत्तराखंड के रानीखेत के खाल्यों क्यारी गांव में एक महिला की हिंसक वन्यजीव के हमले में मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने मोहन-रानीखेत हाईवे जाम कर दिया और मांग की है कि हमलावर जानवर को आदमखोर घोषित कर उसे तुरंत मार दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है और यहां वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ रहा है।
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे धरना जारी रखेंगे।
क्या है पूरा मामला?
खाल्यों क्यारी गांव निवासी बचुली देवी बुधवार शाम करीब 3 बजे घास लेने जंगल गई थीं। उनके साथ कुछ अन्य महिलाएं भी थीं, लेकिन वे थोड़ी दूरी पर थीं। जब बचुली देवी काफी देर तक नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान उन्हें एक चप्पल मिली, जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर खोजबीन की। देर शाम उन्हें बचुली देवी का क्षत-विक्षत शव मिला। शव का आधा से अधिक हिस्सा गायब था।
बाघ या गुलदार? पहचान पर संदेह
ग्रामीणों ने इस हमले को बाघ का हमला बताया है। हालांकि, वन विभाग अभी तक यह सुनिश्चित नहीं कर पाया है कि हमलावर वन्यजीव बाघ था या गुलदार। वन विभाग ने घटना स्थल के आसपास दो बाघों और एक गुलदार के पिंजरे पिंजरे लगाए हैं। साथ ही, हिंसक वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 15 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शव पर मिले वन्यजीव के बालों के नमूने और पगमार्कों के आधार पर पहचान के लिए देहरादून भेजा जा रहा है। डीएनए टेस्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हमलावर कौन था।
