पहलगाम आतंकी हमला: न्याय की राह खुली, विशेष सरकारी वकील नियुक्त
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए क्रूर आतंकी हमले के मुकदमे की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति की है। यह कदम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा इस मामले में जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करने की उम्मीद के बीच आया है, जिससे पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
यह हमला पहलगाम के पास बैसरन घाटी में हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। जांच में खुलासा हुआ है कि इस बर्बर कृत्य को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने अंजाम दिया था। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने अधिवक्ता श्री सिंह को एनआईए की ओर से मुकदमे और अन्य संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए या उक्त मामले के मुकदमे के पूरा होने तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है। अधिवक्ता श्री सिंह एनआईए की विशेष अदालत, जम्मू और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट में इस संवेदनशील मामले की पैरवी करेंगे।
इस आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने सात मई को पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की थी, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था। यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी, भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में सहयोगियों को जुटा रहा है। हाल ही में, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साइप्रस के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने और संप्रभुता व शांति के लिए समर्थन दोहराया। इसके अतिरिक्त, इस हमले से जुड़े एक जासूस को अलवर से गिरफ्तार किया गया है, जिस पर आईएसआई (ISI) से संपर्क और पहलगाम हमले को लेकर बातचीत करने का आरोप है। उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जिससे मामले की गहराई तक जांच हो सकेगी और साजिश के अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
