0

भारत के रूसी तेल आयात पर ट्रंप की चेतावनी: अमेरिकी टैरिफ का खतरा और भारत की ऊर्जा नीति

By Oct 22, 2025

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने रूसी तेल खरीद रोकने का आश्वासन दिया था। भारत ने इन अमेरिकी टैरिफ को अन्यायपूर्ण बताया है, और स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण कर रहा है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत की ऊर्जा नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि नई दिल्ली रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखती है, तो उसे अमेरिका से भारी-भरकम शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि भारत रूसी तेल आयात बंद कर देगा। यह बयान दोनों देशों के बीच ऊर्जा कूटनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

हालांकि, भारत ने अमेरिकी टैरिफ को “अन्यायपूर्ण और अनुचित” करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बदलती वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण कर रहा है। यह नीति देश की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देती है। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि रूस से तेल खरीदना यूक्रेन युद्ध के लिए आर्थिक समर्थन के बराबर है, जिस पर भारत ने अपनी संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश नीति का हवाला दिया है।

यह पहली बार नहीं है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा नीतियों को लेकर तनाव बढ़ा है। पूर्व में, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की धमकी दी थी, जिसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। इस ताजा चेतावनी से नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापारिक संबंधों में और अधिक जटिलता आने की आशंका है, खासकर ऐसे समय में जब भारत अपनी आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा जरूरतों को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजारों और द्विपक्षीय संबंधों पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

Source: Jagran

About Amit Sagar

Journalist covering latest updates.

साझा करें