मुरादाबाद: खून चढ़ाने के बाद बिगड़ी मरीज की हालत, सरकारी अस्पताल ने प्राइवेट रेफर किया
मुरादाबाद के महिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक मरीज की हालत खून चढ़ाने के दौरान गंभीर रूप से बिगड़ गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर देखते हुए मरीज को तुरंत प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया। इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी अस्पताल में लापरवाही का आरोप
पाकबड़ा के हरण गांव की 30 वर्षीय पिंकी को प्रसव पीड़ा के बाद महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद जब उसे खून चढ़ाया जा रहा था, तभी उसकी हालत बिगड़ने लगी। ऑक्सीजन स्तर 80 और ब्लड प्रेशर 90-60 तक गिर गया, साथ ही ब्लीडिंग भी शुरू हो गई। सरकारी डॉक्टरों ने हाथ-पांव फूलने पर मरीज को प्राइवेट अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने अभद्र व्यवहार भी किया।
प्राइवेट अस्पताल में इलाज जारी
आनन-फानन में मरीज को पाकबड़ा के न्यू इंडियन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। वर्तमान में मरीज वहीं आईसीयू में भर्ती है। प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर के अनुसार, मरीज को बिना ऑक्सीजन के ही रेफर किया गया था और उसकी हालत गंभीर थी।
एंबुलेंस सेवा पर सवाल
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल से प्राइवेट रेफर करने के दौरान एंबुलेंस की भी व्यवस्था नहीं कराई गई। जबकि सरकारी नियमों के तहत 102 एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों द्वारा मनमानी कीमत वसूलने की बात भी सामने आई है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
