क्रिप्टोकरेंसी ठगी का भंडाफोड़: 26 फर्जी वेबसाइटों से हो रही थी धोखाधड़ी, जानें क्या है पूरा मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक अखिल भारतीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस रैकेट से जुड़ी 26 फर्जी वेबसाइटों की पहचान की गई है, जो निवेशकों को असाधारण मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर ठगी कर रही थीं। ये वेबसाइटें असली निवेश प्लेटफार्मों की नकल करती थीं और भारत के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले निवेशकों को भी निशाना बना रही थीं।
यह ठगी का खेल मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) की तर्ज पर खेला जा रहा था। आरोपियों ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआती तौर पर कुछ रिटर्न भी दिया, ताकि वे और लोगों को इस योजना से जोड़ें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल योजनाओं के प्रचार और रेफरल बोनस के जरिए ठगी के जाल को फैलाने के लिए किया गया।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने कई क्रिप्टो वॉलेट, विदेशी बैंक खाते और फर्जी कंपनियां बनाकर अपराध से अर्जित धन को छिपाने का प्रयास किया। धन को भारत लाने के लिए हवाला, एंट्री ऑपरेटरों और पीयर-टू-पीयर (पी2पी) क्रिप्टो ट्रांसफर जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। यह ठगी का नेटवर्क 2015 से सक्रिय था और इससे कमाए गए पैसों से भारत और विदेशों में चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
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