हजारीबाग में टॉर्च की रोशनी में बंध्याकरण ऑपरेशन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल – Jharkhand Health News
हजारीबाग के केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। शनिवार को आयोजित शिविर में बिजली चले जाने पर दो से तीन महिलाओं का ऑपरेशन मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया गया। यह घटना चिकित्सा मानकों का घोर उल्लंघन है और महिलाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डीजल जेनरेटर की सुविधा होने के बावजूद तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील ऑपरेशन पूरी रोशनी और सुरक्षित माहौल में होने चाहिए। इस घटना से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जिम्मेदारी के अभाव का पता चलता है। कुछ ऑपरेशन के बाद हंगामा मचने पर जेनरेटर चालू कर बिजली व्यवस्था बहाल की गई।
अधिकारियों का पक्ष और जांच
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. नफीस अंजुम ने कर्मियों की उदासीनता और लापरवाही स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं और मामले की जांच कर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सांसद की प्रतिक्रिया
हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने इस घटना को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का “ऑल टाइम लो” करार दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर अविलंब कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि ऑपरेशन के दौरान योग्य डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे, जो महिलाओं की जान के साथ खिलवाड़ है।
