Kashmir Snowfall: ‘चिल्लई कलां’ के साथ खत्म हुआ कश्मीर का लंबा सूखा, घाटी में हुई सीजन की पहली बर्फबारी
कश्मीर घाटी में भीषण सूखे के बाद आखिरकार राहत मिली है। ‘चिल्लई कलां’ (कड़ाके की सर्दी का 40 दिन का दौर) की शुरुआत के साथ ही कश्मीर के कई हिस्सों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। यह बर्फबारी महीनों से चले आ रहे सूखे को खत्म करने वाली है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।
गुलमर्ग, सोनमर्ग, सिंथन टॉप, जोजिला और साधना टॉप सहित कई ऊंचे इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। कारगिल जिले के द्रास और अन्य हिस्सों में भी ताजा बर्फ गिरी है। यह व्यापक गीला मौसम पूरे पर्वतीय क्षेत्र में फैल गया है।
कश्मीर में पिछले दो महीनों से महत्वपूर्ण बारिश या बर्फबारी नहीं हुई थी, जिससे जल स्रोतों में तेजी से कमी आ रही थी और शुष्क ठंड की स्थिति बढ़ गई थी। इस बर्फबारी से ग्लेशियरों, झरनों और नदियों को फिर से भरने में मदद मिलेगी, जो सूखने लगे थे।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बर्फबारी के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भारी बर्फबारी से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं कर ली हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब मौसम पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। उन्होंने सड़क साफ करने, बिजली आपूर्ति और पीने के पानी की उपलब्धता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी का अनुमान लगाया है। यह बर्फबारी 22 दिसंबर तक रुक-रुक कर जारी रह सकती है।
