ओडिशा की राजधानी Bhubaneswar में प्रदूषण का कहर, हवा की गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे शहर की हवा जानलेवा होती जा रही है। शुक्रवार को खंडगिरि क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 366 दर्ज किया गया, जो ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों जैसे रीजनल प्लांट सेंटर (329), लिंगराज मंदिर (348), मास्टर कैंटीन चौक (326) और रवींद्र मंडप चौक (321) में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
प्रदूषण के कारण दोपहर होते-होते राजधानी के वातावरण में धुएं का आलम दिखा और दृश्यता 500 मीटर से भी कम रह गई। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए लोगों को बाहरी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भुवनेश्वर की हालत भी दिल्ली जैसी हो सकती है।
यह समस्या एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि बीते करीब दो सप्ताह से Bhubaneswar pollution news लगातार सुर्खियों में है। हालांकि, इसे नियंत्रित करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई गंभीर समीक्षा या सक्रियता नजर नहीं आई है। वन मंत्री स्वयं विधानसभा में स्वीकार कर चुके हैं कि नवंबर से फरवरी तक चार महीने भुवनेश्वर में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्तर पर रहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पार्टिकुलेट मैटर PM-2.5 का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच रहा है। ये सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों में जाकर रक्त प्रवाह को प्रभावित करते हैं, जिससे हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियां, टीबी और दमा जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अनियंत्रित निर्माण कार्य और वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदूषण को और बढ़ावा दे रही है।
