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उत्तराखंड में अब पीड़ितों को मिलेगा जल्द न्याय, तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट को मिली मंजूरी

By Dec 15, 2025

उत्तराखंड में अब महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में न्याय की प्रक्रिया तेज होगी। केंद्र सरकार ने राज्य में तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह घोषणा केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सांसद अजय भट्ट द्वारा संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में की।

सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में बच्चों और महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों के मामलों में तेजी से निपटारे के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की योजना के बारे में जानकारी मांगी थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में 790 न्यायालयों की स्थापना के लिए 31 मार्च, 2026 तक 1952.3 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रविधान किया गया है। वर्तमान में देशभर में 773 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय कार्यरत हैं, जिनमें 400 विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय भी शामिल हैं।

उत्तराखंड सरकार के अनुरोध पर राज्य को तीन अतिरिक्त फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय आवंटित किए गए हैं। ये कोर्ट देहरादून के विकासनगर, उधम सिंह नगर के काशीपुर और नैनीताल जिला मुख्यालय में स्थापित होंगे। इन न्यायालयों में महिला न्यायाधीशों, अभियोजकों और कर्मचारियों की भर्ती की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और संबंधित उच्च न्यायालयों की होगी।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जनवरी से सितंबर के बीच राज्य में बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित कुल 248 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 212 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। हालांकि, दिसंबर 2025 तक राज्य में ऐसे मामलों की कुल लंबित संख्या 1113 है। इन नए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद मिलेगी, जिससे पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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