बिहार पुलिस परीक्षा: मुजफ्फरपुर में 15 हजार परीक्षार्थी, लेट आने पर गेट बंद; कठिन सवालों से उलझे अभ्यर्थी
बिहार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से आयोजित बिहार पुलिस चालक सिपाही संवर्ग की भर्ती परीक्षा बुधवार को जिले के 27 परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में हुई। परीक्षा केंद्रों पर लेट से आने वाले दर्जनों परीक्षार्थी को वापस लौटाया गया। वहीं कई केंद्रों पर बिना आइडी के परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों को भी वापस लौटाया गया। आईडी लाने के बाद ही उन्हें प्रवेश की अनुमति दी गई।
अभ्यर्थियों का रिर्पोटिंग टाइम साढ़े नौ बजे था। कड़ी तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। प्रवेश पत्र और आइडी के अलावा कुछ भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षार्थी अपने साथ लाए पेन को भी गेट पर रखवा लिया गया, क्योंकि परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र, ओएमआर के साथ-साथ कलम भी आयोग की ओर से दिया गया था। परीक्षा दोपहर 12 बजे से अपराह्न 2 बजे तक आयोजित हुई।
मुजफ्फरपुर में परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र नए पैटर्न पर आधारित था और सवाल अपेक्षाकृत कठिन थे। अभ्यर्थियों के अनुसार गणित, समसामयिक घटनाओं और इतिहास के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाए रखा। इन प्रश्नों के जवाब देने में परीक्षार्थियों को काफी समय लगा। उत्तर प्रदेश के बस्ती से सुमन कुमार परीक्षा देने आए परीक्षार्थी ने बताया कि पहली बार बिहार में परीक्षा देने आए हैं। उनके अनुसार परीक्षा ठीक-ठाक रही, हालांकि प्रश्न कठिन होने के कारण समय अधिक लगा।
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते समय कई अभ्यर्थियों के चेहरों पर मायूसी भी देखी गई। मुखर्जी सेमिनरी केंद्र से परीक्षा देकर निकल रहे कई परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्न काफी कठिन था। वे 60 से 70 प्रतिशत प्रश्नों का ही जवाब दे सके। भूगोल, विज्ञान और अन्य विषयों से अधिक प्रश्न होने के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई।
केंद्रीय चयन पर्षद पटना की ओर से आयोजित चालक सिपाही भर्ती परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं कदाचार मुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिस पदाधिकारियों की ओर से इसकी सतत निगरानी की जा रही थी। इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
