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बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन होंगे आसान, भीड़ नियंत्रण के लिए लागू हुई नई योजना, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

By Dec 10, 2025

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण की कवायद अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति ने मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं का ठहराव खत्म करने की ठोस योजना बनाई है। श्रद्धालुओं को मंदिर में चबूतरे से ही रेलिंग में होकर प्रवेश दिलाया जाएगा और आराध्य के दर्शन कर मंदिर के निकास द्वार तक श्रद्धालु रेलिंग में होकर ही गुजरेंगे। ऐसे में रेलिंग के बीच मंदिर में खड़े सेवायतों तक श्रद्धालुओं की फूलमाला व भोग आदि नहीं पहुंचेगा तो प्रांगण में ठहराव खत्म हो जाएगा।

मंदिर के बाहर गलियों व बाजार में श्रद्धालुओं को घंटों मंदिर तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के भोग, माला अर्पित करने की प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था बनाने जा रहा है। आइआइटी रुड़की की टीम के सर्वे के बाद स्थाई रूप से रेलिंग लगानें का काम होगा।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि और प्रबंधन में खामी के चलते देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर ही नहीं बाहर गलियों में भीड़ का दबाव व आपाधापी के माहौल से जूझना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए गठित मंदिर समिति अब भीड़ नियंत्रण के ठोस उपाय करने जा रही है।

समिति ने निर्णय लिया है कि श्रद्धालुओं का मंदिर प्रांगण में ठहराव खत्म किया जाए। इसके लिए मंदिर चबूतरे से ही श्रद्धालुओं के लिए रेलिंग लगाने का निर्णय लिया है। यह रेलिंग चबूतरे से लेकर मंदिर के अंदर प्रांगण में होते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने के साथ निकास द्वार तक लगाई जाएगी। ताकि श्रद्धालुओं का मंदिर प्रांगण में ठहराव न हो और श्रद्धालु सहूलियत से आराध्य के दर्शन कर बाहर निकलते रहेंगे। मंदिर के बाहर गली और बाजार में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही पुलिस को जगह-जगह-जगह श्रद्धालुओं को बैरियर पर रोकने की जरूरत ही पड़ेगी।

जुगलघाट से आने वाले श्रद्धालु मंदिर चबूतरे के गेट संख्या दो से पहले चबूतरे पर ही स्थापित होने वाली रेलिंग में प्रवेश करेंगे और प्रांगण में आराध्य के दर्शन कर गेट संख्या एक से बाहर निकलेंगे। इस बीच श्रद्धालुओं के मंदिर में रुकने पर प्रतिबंध होगा। विद्यापीठ, गौतमपाड़ा से आने वाले श्रद्धालु गेट संख्या तीन से पहले चबूतरे पर बनने वाली रेलिंग में होकर मंदिर प्रांगण में प्रवेश करके आराध्य के दर्शन कर गेट संख्या चार से बाहर निकलेंगे। मंदिर के बीच में इस रेलिंग में गेट संख्या पांच के श्रद्धालुओं को भी शामिल करने का रास्ता दिया जाएगा।

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