16 KM का टॉर्चर! बाढ़ से टूटी सड़क नहीं बनी, 18 गांवों के लोग 26 KM चलने को मजबूर; PWD की लापरवाही से हाहाकार
उत्तर प्रदेश के बीसलपुर क्षेत्र में बाढ़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले माह आई बाढ़ के कारण रम्पुरा नगरिया से बरेली की ओर जाने वाला 10 किलोमीटर का मार्ग 10 स्थानों से कट गया है। इस वजह से लगभग डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है। ग्रामीणों को अब 10 किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय 26 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
देवहा नदी में छोड़े गए डैम के पानी और भारी वर्षा के कारण यह मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। मार्ग पर कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, और एक पुलिया भी पूरी तरह से टूट गई है। यह पुलिया पिछले साल की बाढ़ में भी क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया।
ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद, सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। विभाग ने केवल कटी हुई सड़क पर रेतीली मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी है। यह रेतीली मिट्टी साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों के लिए और भी परेशानी का कारण बन रही है।
चौसर हरदोई पट्टी की ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। भाजपा नेता डा. रत्नेश गंगवार ने भी मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, जिसके बाद केवल रेतीली मिट्टी डाली गई। चौपाइयां वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है, जिससे ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
