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हॉर्न का शोर नहीं, अब स्टीकर बनेगा श्रवण बाधितों का ‘सेफ्टी सुपरहीरो’!

By Dec 10, 2025

अब हॉर्न की आवाज की जगह एक विशेष स्टीकर श्रवण बाधित लोगों के लिए ‘सेफ्टी सुपरहीरो’ बनेगा। यह स्टीकर उन्हें सड़क पर सुरक्षित रहने में मदद करेगा और सड़क हादसों को कम करने में सहायक होगा।

यातायात पुलिस ने श्रवण बाधित लोगों को हादसों से बचाने के लिए एक पहल शुरू की है। इसके तहत अन्य वाहन चालकों को यह समझने की जरूरत होगी कि सामने वाला वाहन चालक श्रवण बाधित है और उसे सुनाई नहीं देता। हॉर्न बजाने का कोई फायदा नहीं है। इससे वे खुद ही अपना वाहन बचाते हुए निकल जाएंगे और श्रवण बाधित व्यक्ति अपने रास्ते चलता रहेगा।

उनके लिए एक विशेष प्रकार का स्टीकर तैयार कराया गया है, जो इस बात का संकेत होगा कि सामने वाला वाहन चालक श्रवण बाधित है। यातायात पुलिस की ओर से यह स्टीकर विशेषकर श्रवण बाधित लोगों के लिए ही बनवाया गया है। इसका फायदा यह रहेगा कि श्रवण बाधित लोगों को अपने रास्ते चलते जाना है और उनके पीछे से आने वाले वाहन उन्हें बचाकर खुद निकल जाएंगे। इसके लिए वाहन चालकों को हॉर्न बजाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस स्टीकर पर एक ऐसा संकेतक चिन्ह बनवाया गया है, जिसे देखकर लोग समझ जाएंगे कि सामने वाला वाहन चालक श्रवण बाधित है। उसे कुछ सुनाई नहीं देता है। ज्यादा शोर मचाने या हॉर्न बजाने का कोई फायदा नहीं हैं। इससे उसको बचाते हुए अपना वाहन निकाल लें। यह स्टीकर श्रवण बाधित के हेलमेट या उसकी बाइक पर पीछे लगाया जाएगा, जिससे वह पीछे से आने वाले वाहन चालकों को आराम से दिखाई दे और कोई हादसा न हो सके।

जल्द ही श्रवण बाधित लोगों की बाइक या हेलमेट पर स्टीकर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले जिले में श्रवण बाधित वाहन चालकों का सर्वे कराया जाएगा। उन्हें ढूंढकर उनके हेलमेट या बाइक पर स्टीकर चस्पा कराए जाएंगे। अगर जिले में कोई श्रवण बाधित व्यक्ति है और वाहन चलाना जानता है तो वह यातायात पुलिस से संपर्क करके अपने वाहन या हेलमेट पर स्टीकर चस्पा करा सकता है। इससे उसकी जान को खतरा कम हो जाएगा।

अक्सर हादसों के कारण तेज रफ्तार, अनदेखी, लापरवाही, शराब पीकर गाड़ी चलाने के होते हैं। एक कारण यह भी होता है कि तेज रफ्तार वाहन हॉर्न देता है और सामने वाला उसे अनसुना कर देता है या फिर उसे सुनाई नहीं देता तो फिर वाहन चालक शिकार होता है या फिर सामने वाला व्यक्ति उसका शिकार हो जाता है। कभी-कभी दोनों हादसों के शिकार हो जाते हैं। इससे बचाने का यह स्टीकर वाला उपाय सबसे अच्छा है।

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