नोएडा में सुरक्षा का घेरा! 2100 नाइट विजन कैमरे से लैस होगी ‘सेफ सिटी’, जानिए क्या है खास
नोएडा में सेफ सिटी परियोजना को लेकर लगातार देरी हो रही है। तीन बार टेंडर जारी होने के बावजूद कंपनी का चयन नहीं हो पाया है, जिसके चलते प्राधिकरण अब चौथी बार टेंडर जारी करने से पहले कुछ बदलाव करने की तैयारी में है। प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने कहा कि यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए उच्च गुणवत्ता के कैमरे और नई तकनीक आधारित काम कराया जाएगा।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 561 स्थानों पर कुल 2100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे नाइट विजन और फेस डिटेक्शन तकनीक से लैस होंगे। ये कैमरे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ISTMS) के कैमरों से अलग होंगे। इनकी मॉनिटरिंग के लिए एक अलग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इन कैमरों का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा निगरानी होगा, न कि वाहनों का चालान करना। हालांकि, ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट और उसमें बैठे लोगों को भी स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड कर सकेंगे।
इस परियोजना को पूरा करने में लगभग 212 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका वहन नोएडा प्राधिकरण करेगा। चुनी गई कंपनी को सीसीटीवी कैमरे लगाने, ऑप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने और मॉनिटरिंग के लिए प्रशिक्षण देने का काम करना होगा। इस प्रोजेक्ट को 6 से 9 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। पुलिस विभाग ने जिन स्थानों की सूची दी है, उनमें बाजार, सरकारी और निजी स्कूल, ब्लैक स्पॉट, भीड़-भाड़ वाले इलाके, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और मॉल के बाहर के स्थान शामिल हैं।
सेफ सिटी परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर को दो हिस्सों में बांटा गया है: नोएडा और ग्रेटर नोएडा। दोनों प्राधिकरण (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) सीसीटीवी कैमरों का बुनियादी ढांचा तैयार करेंगे, जबकि इसका संचालन पुलिस विभाग द्वारा किया जाएगा।
