झारखंड वन भूमि घोटाला: ACB की बड़ी कार्रवाई, 8 आरोपी गिरफ्तार
हजारीबाग में सरकारी वन एवं भूदान श्रेणी की जमीनों की अवैध बिक्री से जुड़े बहुचर्चित वन भूमि घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी से कई घंटे तक गहन पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई है। सूत्रों के अनुसार, देर रात तक कुछ और लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की संभावना बनी हुई है। इस घोटाले में अब तक की यह सबसे बड़ी और एक साथ की गई कार्रवाई मानी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों में बक्सपुरा निवासी हाजी कलन, शिवपुरी निवासी जय प्रकाश यादव, मुकुंदगंज के प्रेम साव, इंद्र साव (राहुल हार्डवेयर), बभनवै के शशि शेखर और संजय, मुकुंदगंज निवासी सत्यनारायण साव और छत्रु प्रजापति शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इन सभी को पहले एसीबी कार्यालय ले जाया गया, जहाँ पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। शहर में दिनभर चली छापेमारी और पूछताछ को लेकर अफरा-तफरी और चर्चा का माहौल बना रहा।
इस कार्रवाई से ठीक पहले दो दिनों तक एसीबी ने जेल में बंद तत्कालीन उपायुक्त आईएएस विनय चौबे से पूछताछ की थी। इस पूछताछ के बाद ही कार्रवाई तेज हुई और नौ लोगों को डिटेन किया गया, जिनमें से आठ को गिरफ्तार कर लिया गया। यह उल्लेखनीय है कि इस मामले में निलंबित आईएएस विनय चौबे, कारोबारी विनय सिंह और तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार पहले से ही जेल में बंद हैं। वहीं, एक अन्य अंचल अधिकारी अलका कुमारी सरकारी गवाह बन चुकी हैं।
पूरे मामले में दर्ज भ्रष्टाचार निवारण वाद संख्या 11/2025 में कुल 73 आरोपित बनाए गए हैं, जिनमें से 68 नामजद हैं। यह मुकदमा 25 सितंबर 2025 को दर्ज हुआ था। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 467, 468, 471, 120(बी) एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) व 13(2) शामिल हैं।
आरोप है कि भूमाफियाओं ने फर्जी कागजात तैयार कर सरकारी भूदान, वन भूमि, गोचर, गैर-मजरूआ आम और खास भूमि की खरीद-बिक्री कर जमाबंदी करा ली थी। इस पूरे घोटाले की शुरुआत पत्रकार त्रिपुरारी सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत के बाद हुई थी, जिसके बाद एसीबी ने जांच शुरू की और अब इसका दायरा बढ़ता जा रहा है। इस जांच से कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
