कांग्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में विधायक राहुल मामकूटाथिल को किया बर्खास्त
केरल प्रदेश कांग्रेस समिति ने अपने विधायक राहुल मामकूटाथिल को पार्टी से बर्खास्त करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई विधायक पर लगे दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद की गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय कांग्रेस के सिद्धांतों के अनुरूप है और किसी भी ऐसे कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाए।
पुलिस ने एक महिला की शिकायत के आधार पर विधायक मामकूटाथिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में दुष्कर्म, एक ही महिला पर बार-बार दुष्कर्म, विश्वास में लेने वाले व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म, गर्भवती महिला पर दुष्कर्म, विश्वासघात और आपराधिक कृत्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 68(ई) के तहत अपमानजनक डिजिटल सामग्री के प्रसारण का आरोप भी है। इन गंभीर अपराधों के लिए दस साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के बाद, तिरुवनंतपुरम की प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने विधायक राहुल मामकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने विधायक के निष्कासन का स्वागत किया है और उनसे अपने विधानसभा पद से भी इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी का मानना है कि ऐसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को सार्वजनिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस घटना ने केरल की राजनीति में हलचल मचा दी है और कांग्रेस पार्टी पर भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है, हालांकि पार्टी ने तत्काल कार्रवाई कर अपनी मंशा स्पष्ट करने की कोशिश की है।
