पुतिन का विशेष साक्षात्कार: भारत यात्रा से पहले रूस-भारत संबंधों पर बोले राष्ट्रपति
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत आगमन से कुछ घंटे पहले एक अभूतपूर्व विशेष साक्षात्कार में भारत-रूस संबंधों, वैश्विक राजनीति और अपनी आगामी भारत यात्रा पर विस्तृत चर्चा की है। यह लगभग दो दशकों में किसी भी भारतीय टेलीविजन नेटवर्क को राष्ट्रपति पुतिन का पहला साक्षात्कार है, जो भारत के प्रति रूस के विशेष झुकाव को दर्शाता है।
क्रेमलिन के ऐतिहासिक एकातेरिना हॉल में आयोजित इस विशेष साक्षात्कार में, राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अपने विचार, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आगामी बैठक की उम्मीदें और भारत-रूस संबंधों की भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। यह बातचीत ऐसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक क्षण में हुई है जब वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव देखे जा रहे हैं और रूस-यूक्रेन संघर्ष जारी है। इसके अलावा, यह साक्षात्कार मॉस्को में अमेरिकी दूतों के साथ पुतिन की पांच घंटे की लंबी बैठक के ठीक 24 घंटे बाद हुआ है, जिससे उनके बयानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली बैठक में रक्षा सहयोग, जिसमें लड़ाकू विमान प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा सहयोग शामिल है, पर विशेष जोर रहेगा। इसके अतिरिक्त, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक विकास और अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में होंगे। यह यात्रा 2021 के बाद राष्ट्रपति पुतिन की भारत की पहली यात्रा है। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, आर्कटिक सहयोग, प्रौद्योगिकी और गतिशीलता समझौतों में अपनी साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रयासरत हैं।
दुनिया भर की प्रमुख राजधानियाँ, वाशिंगटन से लेकर ब्रुसेल्स और बीजिंग तक, इस साक्षात्कार को बारीकी से देख रही हैं। यह विशेष साक्षात्कार भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस दौर में राष्ट्रपति पुतिन के विचारों को सीधे सुनने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करता है।
राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर नई दिल्ली का दौरा करेंगे। यह 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक होगी, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है। इस यात्रा के दौरान, वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ औपचारिक वार्ता करेंगे। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी उनसे मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी।
इस यात्रा के दौरान, भारत और रूस के बीच व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, मीडिया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा।
